Saturday, 2 November 2013

दीपावली में अच्छाइयों का धमाका

दीपावली का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है । 

रोशनी का पर्व याद दिलाता है हमें ,अंधकार पर प्रकाश कि जीत 

का | हम खुशहाल लालीमा को अपने आप में समेटने का सफल 
प्रयास  करते हैं | अपने रूह को प्रकाश में  भिगोंकर , लक्ष्मी देवी 

को नमन करते हैं | सारे पुराने ग़मों को भुला देते हैं और नए 

जीवन का ऐलान करते हैं | 

मगर आज जिंदगी कुछ और हो गया है | बस हम अपने आप में 

खोते जा रहे हैं | " बस हम और हमारा परिवार " यही सब कुछ 

हो गया है | आज हम अंधकार में धीरे - धीरे डूबते जा रहे हैं ,

जो समुचा भारत को अंधकारमय कर सकता है | जरा देखीये  तो

 , एक ओर जहाँ दीपावली मन रहा है वहीं दूसरी ओर लोगों के 

पास घर में एक बल्ब जलाने के पैसे नही है | कहीं मिठाई परोसा 

जा रहा है तो कहीं लोगों को एक वक्त का खाना तक नसीब     

नहीं होता है | आज पुरे भारत में दीये जलाए जा रहे हैं तो इसी 

धरती पर धमाकों में मरे लोगों का चिता जल रहा है| कहीं 

महिलाओं को देवी मान जा रहा है   मगर कहीं इसी देश में 

उसका चीरहरण हो रहा है | कहीं सभ्य समाज का गठन हो रहा 

है तो कहीं पर असभ्यता काफी बढ़ गया है | कोइ प्यार फैला रहा  

 है तो कोइ नफरत | 


मगर अभी भी देर नही हुआ है हम सब अपने आप  को बदल 

सकते हैं | हम सब चाहे तो देश में फैले सारे गंदगी का दूर  भगा 

सकते हैं | क्योंकि देश को साफ - सुथरा कर रंग लगाने की जरुरत

है ताकी  हमेसा प्रकाशवान रहे | आज रौशन करने की  जरूरत है 

उस घर को जो   हमेशा से रौशनी से दूर रहा है | 


तो आइये इस बार दीपावली में कुछ नया करते  हैं | मुझे पता 

है आप और हम मील जाए तो देश में कर सकते हैं  


अच्छाइयों  का  धमाका   



1 comment:

  1. Bahut hi achchha chalo aaj sari buraeiyon ko mitane me 1kadam aage badhate hain

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