दीपावली का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है ।
रोशनी का पर्व याद दिलाता है हमें ,अंधकार पर प्रकाश कि जीत
रोशनी का पर्व याद दिलाता है हमें ,अंधकार पर प्रकाश कि जीत
का | हम खुशहाल लालीमा को अपने आप में समेटने का सफल
प्रयास करते हैं | अपने रूह को प्रकाश में भिगोंकर , लक्ष्मी देवी
को नमन करते हैं | सारे पुराने ग़मों को भुला देते हैं और नए
जीवन का ऐलान करते हैं |
मगर आज जिंदगी कुछ और हो गया है | बस हम अपने आप में
खोते जा रहे हैं | " बस हम और हमारा परिवार " यही सब कुछ
हो गया है | आज हम अंधकार में धीरे - धीरे डूबते जा रहे हैं ,
जो समुचा भारत को अंधकारमय कर सकता है | जरा देखीये तो
, एक ओर जहाँ दीपावली मन रहा है वहीं दूसरी ओर लोगों के
पास घर में एक बल्ब जलाने के पैसे नही है | कहीं मिठाई परोसा
जा रहा है तो कहीं लोगों को एक वक्त का खाना तक नसीब
नहीं होता है | आज पुरे भारत में दीये जलाए जा रहे हैं तो इसी
धरती पर धमाकों में मरे लोगों का चिता जल रहा है| कहीं
महिलाओं को देवी मान जा रहा है मगर कहीं इसी देश में
उसका चीरहरण हो रहा है | कहीं सभ्य समाज का गठन हो रहा
है तो कहीं पर असभ्यता काफी बढ़ गया है | कोइ प्यार फैला रहा
है तो कोइ नफरत |
मगर अभी भी देर नही हुआ है हम सब अपने आप को बदल
सकते हैं | हम सब चाहे तो देश में फैले सारे गंदगी का दूर भगा
सकते हैं | क्योंकि देश को साफ - सुथरा कर रंग लगाने की जरुरत
है ताकी हमेसा प्रकाशवान रहे | आज रौशन करने की जरूरत है
उस घर को जो हमेशा से रौशनी से दूर रहा है |
तो आइये इस बार दीपावली में कुछ नया करते हैं | मुझे पता
है आप और हम मील जाए तो देश में कर सकते हैं
अच्छाइयों का धमाका

Bahut hi achchha chalo aaj sari buraeiyon ko mitane me 1kadam aage badhate hain
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