Monday, 11 November 2013

GANDI BAT


आज भारत के युवा  गंदी बात में लगे हुए हैं |जो काफी गलत है बात है

 यानीं वे अपने आप को गलत दिशा में ले

जा रहे हैं | वे खुद को आज बस फुहर गानों तक सिमित कर देना चाहते हैं | 

वे अपने आप को भूलते जा रहे हैं |

ना ही उसे देश का फिक्र ना समाज का | वे इस दरिन्दे दुनियां में खोते जा 

रहे हैं | उसे पता नही यह दुनियां काफीला का    बगीचा है जहां लोग आते हैं 

और चले जाते हैं | बस बच जाता है तन्हाई और कुछ नहीं | यानि बस 

अन्धकार ही अंधकार प्रकाश क कोइ नमो निशान तक नहीं | हर  दरवाजे   

बंद हो जाते हैं निकलने का कोइ रास्ता नहीं बचता है | बस गुमनामी का 

एक हल्की सी रौशनी बची रहती है ,ऐसा गुमनामी जो हमारे देश को फिर 

से बेघर बना सकता है | हम फिर से 1970-1980 वाले स्थिति में जा सकते

 हैं | जहां हमारे लिये कुछ नहीं बचा था | बचा था तो बुख बेरोजगारी , 

नाकामी ,खून -खराबा | आज फिर हमारे युवा इसी राह पर चल परे हैं |

विदेशों हम दावा करते हैं की हम अब युवा देश बन गए हैं | कहते हैं कि हम

 अब इतिहास रचने के कगार पर हैं ,हमारा युवा काफी मेहनती जो किसी 

भी सफलता को छू सकते हैं | हम सुपर पवार बनाने के ओर अग्रसर हैं |  

हमारे युवा यूरोपीयन देशो को आसानी से पीछे छोर सकते हैं ,मगर ये बस 

कागजों की  बात है जहां पर हमारे चटोर नेतागन बड़े - बड़े दावे किया 

करते हैं | वहीं देश के बजट में  भी वोट बैंक छाया रहता है युवाओं पर 

ध्यान नही दिया जाता है | यही कारन है की भरी भरकम युवा फौज होने के 

बाबजुद हम ओलंपिक जैसे खेल में पीछ छुट रहे हैं वहीं उच्च संस्थानों का 

अभाव भी युवा के विकाश पर असर पर बुरा प्रभाव डाल रहे हैं |

मगर फिर भी हमारे कुछ युवा IT सेक्टर में काफी अच्छा काम कर रहे हैं 

जिससे देश का नाम काफी अच्छा हुआ हैं | मगर हर सेक्टर में उत्थान 

जरुरी है तभी देश आगे बढ़ेगा | युवा को गंदी बातों को छोरना परेगा |

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