Monday, 11 November 2013

समाचार



आज संचार की मांग जोरों पर है | क्योंकि यह  संचार नाम के शब्द आज

 हर ओर नया नही रहा है | आज कोइ भी व्यक्ति इससे बच नही पाया है

 चाहे जो हो हर कोइ इसका उपयोग कर रहा है चाहे जिस काम में हो |

मगर समाचार को सुनने की ललक ने लोगों में आज कुछ ज्यादा ही हो 

गया है | शहर से लकर गांव तक हर कोइ समचार के पीछे भाग रहे हैं | चाहे 
उसे समझ में     आते हो या ना आते हो मगर आज लोग सुने बिना नहीं रह 
सकते हैं | चाहे वो घर पर हो या घर से बहार उसे पल -पल कि जानकारी 

चाहिए | हर तरह समचार सुनना वे जरुरी समझते हैं जैसे खेल ,व्यपार

 ,मनोरंजन इत्यादी |
  दूसरी तरफ मिडिया समूह भी लोगों को ध्यान में रख कर कार्य कर रहे हैं 

साथ ही साथ समाचार समूहों की लिस्ट बढ़ते हि जा रहा है    | कुछ लोग 

मासले तरह समचार सुनना पसंद करते हैं तो उसके लिये मसाला पेस 

किया जा रहा है | अगर आप समचार में वाद विवाद देखना पसंद करते हैं

 तो ये भी कुछ समाचार चैनल पेस कर रहे हैं | वहीं घरेलू महिलाओं को 

लुभाने के लिये सास बहु वाले समचार पैकेज तैयार किया जा रहा है |

वहीं मौजूदा नीति के तहत एफएम रेडियो को आकाशवाणी के समाचार

 बुलेटिन को बिना किसी हेरफेर के प्रसारित करने की अनुमति है। खेल,

 यातायात, मौसम, सांस्कृतिक कार्यक्रम, शिक्षा, रोजगार, स्थानीय 

निकायों की ओर से की गई सार्वजनिक घोषणाओं से संबंधित समाचार

 प्रसारण करने की भी छूट है।

वहीं आज मोबाइल कम्पनी समचार को अपने व्यसाय से जोर कर खुब

 कमा रहें हैं | क्योंकि अब न्यू मीडिया

का भरमार सा हो गया है | लोग अपने तरीकों से समचार देखते हैं और 

सुनते हैं |

मगर अभी के समय में समाचार का स्तर बुरी तरह से गिरते जा रहा है 

   सीधे अर्थों में अब समचार अब समचार नहीं रहा बल्की मनोंरंजन का 

साधन बन चूका है जो बिल्कुल आधारहींन बन होते जा रहा है |समचार से 

सच्चाइ  धीरे -धीरे गायब होते जा रहे हैं | कारन बिल्कुल साफ है क्योंकि 

मिडिया आज व्यवसाय क रूप ले चूका है |

 हमें इसका विरोध करना चाहिए ताकि हमारे देश की अन्दुरुनी स्थिति 

सही रहे |

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