Monday, 11 November 2013

हब सब मिल कर काम करें




















बात उस समय कि है जब मैं  १२ वीं क्लास में पढता था | पुरे मस्ती के 

साथ समय गुजर रहा था | मुझे लगता था कि संसार बस इतना सा ही है |

जो मन में आता वही करता   था | बस अपने धुन में लगा रहता था |किसी 

 फिकरमंद आदमी से बिल्कुल परे ,सोच रहीत तथा ज़माने से  दूर |

साधारण सब्दों में कहे ठंढे छाव के तरह था हमारा जीवन |

हम बहुत मेहनत कर रहे थे अपने सपने को पुरा करने के लिये | बस अपने

 देश  को हर चीज में आगें देखना चाहते | खास कर क्रिकेट को अपना धर्म 

समझते थे | जिस दिन मैच होता था उसके पहले रात में ठीक ढंग सो नहीं 

पाते थे | हर समय लगा रहता था पता नहीं कल क्या होगा कौन जीतेगा ,

धोनी का सतक लगेगा या नहीं | इस चक्कर में कइ  बार माँ से डाट भी 

परता |

वहीं राजनीतिक  जैसे चीजे उस  समय हमारे समझ में नही आता था |

बेरोजगारी , महगाई,भ्रष्टाचार जैसे शब्दों से कुछ मतलब नही था |

एक बार कि बात है ,१५ अगस्त नजदीक था मैं अपने दोस्तों के साथ एक 

दुकान पर कुछ खरीद रहा था | तभी मेरा नजर एक ओर जा कर टिक गया |

एक बच्चा जो सकल से गरीब नजर अता था पता नहीं क्यों उसे मैं बार-

बार देखे जा रहा था | मेरा पलक उसे बार - बार निहारे जा  था | मैं बिल्कुल 

हैरान परेसान था | वह बच्चा धीरे - धीरे हमारे ओर ही चले आ रहा था |

भले ही वो मैले कुचले कपरे पहने हो मगर उसके शरीर से एक अलग ही 

तरह का उर्जा निकल रहा था | उसके ललाट से एक तेज निकल रहा था जो

 मुझे बार-बार उसको देखने पर मजबुर कर रहा था | वह धीरे - धीरे कर के 
     
मेरे पास पहुँच गया और अपने मैले कपड़े से १० का घिसा सा नोट निकला 

और दुकानदार से तिरंगा मागां मगर दुकानदार ने झल्लाते हुए   कहा ,  

 इतने कम     पैसों में तिरंगा कहां से होग बेटा और  पैसा लाओ ?

यह बात सुनते ही बेचारा बहुत उदास हो गया और रोने लगा | यह सब देख 

कर मुझे  बहुत बुरा लगा | तत्काल मैने अपने कुछ पैसे मिला कर उसे

 तिरंगा तो खरीद दिया मगर मुझे कुछ बातें सोचने पर मजबुर कर दिया -

जैसे कि हमारे देश में इतना गरीबी क्यों है ?

बरोजगारी क्यों नहीं कम हो रहा है ?

महगाई क्यों बढ़ते जा रहा है ?

क्या इन सब चीजों से हमारे देश को निजात मिलेगा ?

जरुर मिलेगा जब हब  सब मिल कर इसके खिलाफ काम करें |












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