2014 का चुनाव ज्यों - ज्यों नजदीक आते जा रहा है लोगों का धरकने
बढ़ता ही जा रहा है | तरह - तरह के चर्चाओं का बाजार गर्म है | सब अपना -
अपना राय देने में मशगुल है कोइ कुछ बोलता है तो कोइ कुछ
मगर जो भी नेता लोग अपने कार्य में बखूबी लग गए हैं | हर जगह रैली हो
रहे हैं पुरा देश इस में उलझा हुआ है |
कोइ भी इस बार चुकाना नहीं चाहता है | हर कोइ अपने आप को प्रधानमंत्री
से कम नहीं समझ रहे हैं | सब अपना अपना दावा ठोक रहे हैं | इस बार
छोटे तथा मझोले दल भी अपने आप को कम नहीं समझ रहे हैं |
उनका मनाने कुछ भी मगर जनता पुरा आनंद ले रहे हैं |
इधर भाजपा ऐसे दावे ठोक रहे हैं जैसा की लगा रहा है की उनका सरकार
बन गया | वहीं सोनिया फिर से
वापसी के नारे लगा रहे हैं तो मुलायम और उनके सहयोगी तीसरे विकल्प
की बात कर रहे हैं |
मगर मोदी और राहुल खासे चर्चा के विषय बने हुए हैं | मोदी युवा तथा
विकाश के नाम पर ताल ठोक रहे हैं तो
राहुल सबको साथ चलने के नाम पर | भाजपा मोदी को जीता ने में
कोइकसर नही छोरना नही चाहते हैं |
कांग्रेस अभी राहुल को उम्मीदवार नहीं घोषित किये हैं |
बात जो भी हो मगर २०१४ परिणाम में ही पता चलेगा जनता किसके साथ
है क्योंकि जीत जनता का ही होने
वाला है |

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