Sunday, 10 November 2013

जीत जनता का


2014 का चुनाव ज्यों - ज्यों नजदीक आते जा रहा है लोगों का धरकने 

बढ़ता ही जा रहा है | तरह - तरह के चर्चाओं का बाजार गर्म है | सब अपना - 
अपना राय देने में मशगुल है कोइ कुछ बोलता है तो  कोइ कुछ 

मगर जो भी नेता लोग अपने कार्य में बखूबी लग गए हैं | हर जगह रैली हो

 रहे हैं पुरा देश इस में उलझा हुआ है |

कोइ भी इस बार चुकाना नहीं चाहता है | हर कोइ अपने आप को प्रधानमंत्री

 से कम नहीं समझ रहे हैं | सब अपना अपना दावा ठोक रहे हैं | इस बार 

छोटे तथा मझोले दल भी अपने आप को कम नहीं समझ रहे हैं |

उनका मनाने कुछ भी मगर जनता पुरा आनंद ले रहे हैं |

इधर भाजपा ऐसे दावे ठोक रहे हैं जैसा की लगा रहा है की उनका सरकार 

बन गया | वहीं सोनिया फिर से 

वापसी के नारे लगा रहे हैं तो  मुलायम और उनके सहयोगी तीसरे विकल्प 

की बात कर रहे हैं |

मगर मोदी और राहुल खासे चर्चा के विषय बने हुए हैं | मोदी युवा तथा 

विकाश के नाम पर ताल ठोक रहे हैं तो 

राहुल सबको साथ चलने के नाम पर | भाजपा मोदी को जीता ने में 

कोइकसर नही छोरना नही चाहते हैं | 

कांग्रेस अभी राहुल को उम्मीदवार नहीं घोषित किये हैं |

बात जो भी हो मगर २०१४ परिणाम में ही पता चलेगा जनता किसके साथ

 है क्योंकि जीत जनता का ही होने 

वाला है |

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