हर बार की इस बार भी प्रियंका गांधी चुनाव में सक्रिय है | यह बात अलग है की वे अपने राजनीतिक जीवन को बस परिवार तक रकहना चाहती है | मगर इस बार कुछ समय के उनका नाम भी राजनीति में उछला | मगर वह सीधे तौर पर इस बात को नकार गई |
मगर कुछ जानकारों का कहना है की अगर वह चुनाव में उतरती तो राहुल से ज्यादा प्रभावी हो सकती थी |
मगर जो भी उन्होंने काफी ज्यादा ही इस बार विरोधियों पर हमला कर रही है | जीस कारन अमित साह जैसे लोगों के निशाने पर रहीं है |
बतौर प्रियंका ने विरोधियों पर हमला बंद करने के बजाए और बढ़ा ही दी | उन्होंने रायबरेली में कहा की ,विपक्षी दल भ्रष्टाचार हटाने की बात करते हैं लेकिन उन्हें यह बताना चाहिए कि वे इस बुराई को कैसे हटाएंगे। कांग्रेस ने सूचना का अधिकार कानून देकर यह बताया कि हम कैसे भ्रष्टाचार रोकेंगे। कांग्रेस ने सूचना का अधिकार कानून लागू करके भ्रष्टाचार को रोका।आपके बीच लोग प्रचार करने आते हैं, आप उनसे पूछिये कि विकास के लिए वे क्या कर रहे हैं। उन्होंने आपके लिए क्या किया है। लोग आते हैं, भाषण देते हैं लेकिन आपके लिये क्या करेंगे, यह नहीं बताते।
वे इस दौरान अपने परिवार की उपलब्धियां गिनाईं और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के बारे में पूछा और कहा ‘‘तुम्हें पता है कि तुम्हारे इस कार्यक्रम को अमेठी से राहुल जी ने शुरू किया था। वर्ष 2004 में जब वह सांसद बने तो उन्होंने सोचा कि इसका विस्तार किया जाए। तो इसे अमेठी के साथ रायबरेली में भी फैलाया गया। तब से आप लोगों ने देखा कि कितना विकास हुआ है।’
ये तो चुनाव परिणाम ही बताएगा की अपने परिवार और कांग्रेस को सहायता पहुंचती है | यह चुनाव उनके राजनीतिक भविष्य के लिये भी चुनौती है |
मगर कुछ जानकारों का कहना है की अगर वह चुनाव में उतरती तो राहुल से ज्यादा प्रभावी हो सकती थी |
मगर जो भी उन्होंने काफी ज्यादा ही इस बार विरोधियों पर हमला कर रही है | जीस कारन अमित साह जैसे लोगों के निशाने पर रहीं है |
बतौर प्रियंका ने विरोधियों पर हमला बंद करने के बजाए और बढ़ा ही दी | उन्होंने रायबरेली में कहा की ,विपक्षी दल भ्रष्टाचार हटाने की बात करते हैं लेकिन उन्हें यह बताना चाहिए कि वे इस बुराई को कैसे हटाएंगे। कांग्रेस ने सूचना का अधिकार कानून देकर यह बताया कि हम कैसे भ्रष्टाचार रोकेंगे। कांग्रेस ने सूचना का अधिकार कानून लागू करके भ्रष्टाचार को रोका।आपके बीच लोग प्रचार करने आते हैं, आप उनसे पूछिये कि विकास के लिए वे क्या कर रहे हैं। उन्होंने आपके लिए क्या किया है। लोग आते हैं, भाषण देते हैं लेकिन आपके लिये क्या करेंगे, यह नहीं बताते।
वे इस दौरान अपने परिवार की उपलब्धियां गिनाईं और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के बारे में पूछा और कहा ‘‘तुम्हें पता है कि तुम्हारे इस कार्यक्रम को अमेठी से राहुल जी ने शुरू किया था। वर्ष 2004 में जब वह सांसद बने तो उन्होंने सोचा कि इसका विस्तार किया जाए। तो इसे अमेठी के साथ रायबरेली में भी फैलाया गया। तब से आप लोगों ने देखा कि कितना विकास हुआ है।’
ये तो चुनाव परिणाम ही बताएगा की अपने परिवार और कांग्रेस को सहायता पहुंचती है | यह चुनाव उनके राजनीतिक भविष्य के लिये भी चुनौती है |

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