हम जानते हैं की हमारा देश भारत विविधताओं से भरा परा है | हर जगह
अलग अलग तरह की चीजे है जैसे भाषा,रहन-सहन ,खानपान |मगर एक
बात पुराने समय से ही सोचने पर मजबुर करता आया है
"महिला",यानी
घर की देवी | हमारा मर्द संचालित समाज उन्हें बस घर तक ही सीमित
करता आया है |
वे तो अपने अधिकार का उपयोग से भी हमेसा वंचीत रही है |
लेकिन समय के साथ बदलाव आता जा रहा है | आज वे अपने अधिकार
को समझ रही है |मगर हाल के दिनों में जीस तरह के घटना घटी है वे
हमारे अंतरात्मा को झकझोर दिया |
कहने को तो हमारा देश आज बहुत ताकतवर बन गया है, मगर इसी देश
में आज कही पे भरी बाजार में किसी दामनी का इज्जत लुट लिया
जाता
है तो कही पर कोइ दामनी चंद पैसों के लिये अपना इज्जत बेच रही है
,हद तो तब होती है जब कोइ बालिका में ही बधू बन जाती है तो किसी
को दहेज़ के किये प्रतारित किया जाता है|
मन में बार -बार यह सबाल उठता है कि आखिर इन सब क उपाय क्या है ?
मेरा एक ही उत्तर है रजनीति में भागीदारी , ताकी वे अपना आवाज
बुलंद कर सके |
बरे ही सर्म की बात है हमारे देश में महिलाओं की राजनिती में
भागीदारी आधे से भी कम है | भले ही सोनिया गाँधी ने अपना मिसाल
कायम किया हो ,मगर राजनीती में महिलाओं को बस सोपीस समझा
जाता है |यही कारन है की उनका आवाज को दावा दिया जाता है |साथ ही
साथ मीडियाकर्मियों को भी किसि महिला पर हो रहे अत्याचार को
मसाला लगा कर पेस नही करना चाहिये|
अंत: महिलाओं को अपनी ताकत को पहचानना चाहिये और अपने देश
के विकाश में योगदन देना चहिये |

NIce One. Keep It up.
ReplyDeletenice Navneet.
ReplyDeleteGood work Mr navneet keep it up
ReplyDeletewah kya baat hai....keep it up
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